51+ Gulzar Shayari in Hindi || Shayari by Gulzar || गुलज़ार शायरी 2021

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Gulzar Shayari in Hindi

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क्या लूटेगा जमाना हमारी खुशियों को,
हम तो खुद ही खुशियां दूसरों पर लुटा कर जीते हैं !!

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दौलत नहीं शोहरत नहीं,न वाह चाहिए
“कैसे हो?” बस दो लफ़्जों की परवाह चाहिए !!
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कुछ भी कायम नहीं है, कुछ भी नहीं,
और जो कायम है, बस एक मैं हूं,
मैं जो पल-पल बदलता रहता हूं !!

Gulzar Shayari in Hindi

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दोस्ती और मोहब्बत में फर्क सिर्फ इतना है,
बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजर चुरा लेती
और दोस्ती सीने से लगा लेती है !!

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पलक से पानी गिरा है, तो उसको गिरने दो,
कोई पुरानी तमन्ना, पिंघल रही होगी !!
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कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़
किसी की आंख में हम को भी इंतिज़ार दिखे !!

Gulzar Shayari in Hindi

gulzar shayari in hindi

मिल जाएगा कोई हमें टूट कर चाहने वाला,
अब पूरा शहर तो बेवफा नहीं हो सकता !!

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जिंदगी एक रवायत है, जिसे निभाना पड़ता है,
उनके बिना भी, जो कभी आपकी जिंदगी थे !!
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दर्द हल्का है साँस भारी है,
जिए जाने की रस्म जारी है !!

Gulzar Shayari in Hindi

gulzar shayari in hindi

सालों बाद मिले हो गले लगाकर रोने लगे,
जाते वक्त जिसने कहा था तुम्हारे जैसे हजार मिलेंगे !!

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छोटा सा साया था, आँखों में आया था
हमने दो बूंदों से मन भर लिया !!
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वह जो सूरत पर सबकी हंसते है
उनको तोहफे में एक आईना दीजिए !!

Gulzar Shayari in Hindi

gulzar shayari in hindi

मेरी फितरत में नहीं था तमाशा करना
बहुत कुछ जानते थे तब भी खामोश है हम !!

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बहुत मुश्किल से करता हूँ, तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है, पर गुज़ारा हो ही जाता है !!
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तुम मिले तो क्यों लगा मुझे, खुद से मुलाकात हो गई,
कुछ भी तो कहा नहीं मगर, जिंदगी से बात हो गई !!

Gulzar Shayari Hindi
gulzar shayari hindi

मिजाज में थोड़ी सख्ती लाजमी है साहब,
लोग पी जाते अगर समंदर खारा ना होता !!

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अगर किसी से मोहब्बत बेहिसाब हो जाए¸
तो समझ जाना वह किस्मत में नही !!
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चांदी उगने लगी है बालों में,
के उम्र तुम पर हसीन लगती है !

Gulzar Shayari Hindi

gulzar shayari hindi

कैसे दूर करूं यह उदासी बता दे
कोई लगा कर सीने से रुला दे कोई !!

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ज्यादा कुछ नहीं बदलता उम्र के साथ
बस बचपन की जिद्द समझौतों में बदल जाती हैं
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झूठे तेरे वादों पे बरस बिताये,
ज़िन्दगी तो काटी, ये रात कट जाए !!

Gulzar Shayari Hindi

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एक जैसी दिखती थी माचिस की तिलियाँ
कुछ ने “दिये” जलाए और कुछ ने “घर” !!

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तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं,
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन, ज़िन्दगी तो नहीं !!
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सुकून उसी के पास मिलता है,
दिन चाहे किसी के साथ गुजार लूँ !!

Gulzar Shayari Hindi

gulzar shayari hindi

मैं भिखारी भी बन जाऊं तेरे खातिर
कोई डाले तो सही तुझे मेरी झोली मे !!

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मोहब्बत किसी से करनी हो तो हद मैं रहकर करना वरना
किसी को बेपनाह चाहोगे तो टूट कर बिखर जाओगे !!
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कभी तो ठहरेगा उसका भी सफर जो
हमराह बन हमें राह में गुमराह कर गया !!

Gulzar Shayari

gulzar shayari

बड़ी ही प्यारी सी है वो गुस्सा भी
करती है और बेहिसाब इश्क भी

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मोहब्बत किसी से करनी हो तो हद मैं रहकर करना वरना
किसी को बेपनाह चाहोगे तो टूट कर बिखर जाओगे !!
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कभी तो ठहरेगा उसका भी सफर जो
हमराह बन हमें राह में गुमराह कर गया !!

Gulzar Shayari

gulzar shayari

खुदा से मौत मांग लेना पर इंसान से मोहब्बत नहीं !!

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नए अंधेरों में पुराने उजालों का इस्तेमाल करता हूं,
पॉकेट में रखी गुनगुनी धूप बहुत काम आती है !!
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मेरी खामोशी में सन्नाटा भी है शोर भी हैं,
तूने देखा ही नहीं.. आँखों में कुछ और भी है !!

Gulzar Shayari

gulzar shayari

तुम आईना क्यों देखती हो बेरोजगार करोगी क्या मेरी आंखों को

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नए अंधेरों में पुराने उजालों का इस्तेमाल करता हूं,
पॉकेट में रखी गुनगुनी धूप बहुत काम आती है !!
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मेरी खामोशी में सन्नाटा भी है शोर भी हैं,
तूने देखा ही नहीं.. आँखों में कुछ और भी है !!

Gulzar Shayari

gulzar shayari

रिश्ते वही लाजवाब होते हैं जो अहसानो से
नहीं बनते बल्कि एहसासों से बनते हैं !!

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पानी से भरी आँखे लेकर वह मुझे घूरता ही रहा,
वह आईने में खड़ा शख्स परेशान बहुत था !!
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तेरा ख्याल है जब ही तेरे ख्याल में मस्त हूँ ना दिल
लाख मोहब्बत कर ले तुझसे पर तेरा तो दोस्त हूँ ना मैं !!

Gulzar Shayari

gulzar shayari

कैसा अजीब खेल है मोहब्बत का जनाब,
एक थक जाए तो दोनों हार जाते हैं !!

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कलम से लिखने का रिवाज फिरसे आना चाहिए,
चैटिंग की दुनिया बड़ा फरेब फैला रही हैं !!
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मोहब्बत करने वालो की कमी नहीं इस दुनिया में,
अकाल पड़ा है मोहब्बत निभाने वालों का !!

Gulzar ki Shayari

gulzar ki shayari

हालात सिखा देते हैं बातें सुनना और सहना वरना,
हर शख्स अपने आप में बादशाह होता है !!

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कभी भी किसी से इतनी उम्‍मीद मत रखना
कि उम्‍मीदों के साथ खुद भी टूट जाओ !!
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हर रोज चुप के से निकल आते है,
नये पत्ते ख़्वाहिशो के,
दरख्तो मे क्यो पतझड नही होते !!

Gulzar ki Shayari

gulzar ki shayari

तस्वीरे लेना भी जरूरी है जिंदगी में साहब
आईने गुजरा हुआ वक्त नहीं बताया करते !!

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पहला प्‍यार बचपन की उस चोट की तरह होता है
जिसका निशान हमेशा के लिए रह जाता है !
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उजाले में तो मिल ही जायेगा कोई न कोई,
तलाश उसकी करो जो अँधेरे में भी साथ निभाए !!

Gulzar ki Shayari

gulzar ki shayari

उठती नहीं निगाहे किसी और की तरफ,
एक शख्स का दीदार हमें इतना पाबंद कर गया !!

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दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई
जैसे एहसान उतारता है कोई !!
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वो वक्त गुजर गया जब मुझे तेरी आरजू थी,
अब तो तू खुदा भी बन जाये तो मैं सजदा ना करू !!

Gulzar ki Shayari

gulzar ki shayari

नींद तो बचपन में आती थी,
अब तो थक कर सो जाते हैं !!

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दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला
किसकी आहट सुनता हूँ वीराने में !!
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कौन कहता हैं कि हम झूठ नहीं बोलते
एक बार खैरियत तो पूछ के देखियें !!

Gulzar Sahab Shayari

gulzar ki shayari

बिना मांगे ही मिल जाती है मोहब्बत किसी को
कोई हजारों दुआओं के बाद भी खाली रह जाता है !!

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कोई अटका हुआ है पल शायद
वक़्त में पड़ गया है बल शायद !!
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बचपन में भरी दुपहरी में नाप आते थे पूरा मोहल्ला
जब से डिग्रियां समझ में आयी पांव जलने लगे हैं !!

Gulzar Sahab Shayari

gulzar sahab shayari

जब गिला शिकवा अपनों से हो तो खामोशी ही भली,
अब हर बात पर जंग हो यह जरूरी तो नहीं !!

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जिस साल तुम्हें गले लगाएंगे,
हम तो बस वही साल ईद मनाएंगे !!
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किसी पर मर जाने से होती हैं मोहब्बत,
इश्क जिंदा लोगों के बस का नहीं !!

Gulzar Sahab Shayari

gulzar sahab shayari

हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में
रुक कर अपना ही इंतज़ार किया !!

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आँखों से आँसुओं के मरासिम पुराने हैं
मेहमाँ ये घर में आएँ तो चुभता नहीं धुआँ !!
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शाम से आंख में कुछ नमी सी है
आज फिर आपकी कमी सी है !!

Gulzar Sahab Shayari

gulzar sahab shayari

जब गिला शिकवा अपनों से हो तो खामोशी ही भली,
अब हर बात पर जंग हो यह जरूरी तो नहीं !!

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कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना !!
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थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर
मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा !!

Gulzar Shayri

gulzar shayri

👉  मैं खुशी तलाश कर रहा था और तुम🌹 मिल गए 👈
👉 Mai khushi tlash kr rha tha or tum🌹 mil gye 👈

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ग़ज़ल भी मेरी है पेशकश भी मेरी है…
मगर लफ्ज़ो में छुप के जो बैठे है वो हर बात तेरी है !!
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ना तेरे आने की खुशी रहा और ना तेरे जाने का गम रहा
मोहब्बत आज भी है तुमसे बस इतना सा सितम रहा !!

Gulzar Shayri

gulzar shayri

👉 इश्क जालिम🌹 है साहब मरने से पहले ही मार देता है 👈
👉 ishk jalim🌹 hai sahb mrne se phle hi mar deta hai 👈

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मैंने इतनी बार समझाया है की सब तक़दीर का खेल है
लेकिन ख्वाहिशे है की मानती नहीं !!
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इजहार से नहीं पता लगता किसी के प्यार का
इन्तेजार बताता है, कि तलबगार कौन है !!

Gulzar Shayri

gulzar shayri

इश्क से उम्र का क्या वास्ता
जनाब पुरानी शराब अक्सर महंगी होती है !!

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नज़र झुका के उठाई थी जैसे पहली बार,
फिर एक बार तो देखो मुझे उसी नज़र से !!
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मोहब्बत का ख़ुमार उतरा तो ये एहसास हुआ,
जिसे मंजील समझते थे, वो तो बेमकसद रास्ता निकला !!

Gulzar Shayri

gulzar shayri

वही मुझको अकेला कर गया
जो कभी दुआ में मुझे मांगता था !!

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वक्त रहता नहीं कही भी टिक कर,
आदत इसकी भी इंसान जैसी हैं !!
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इंतजार की घड़ियाँ ख़त्म कर ऐ खुदा,
जिसके लिये बनाया है उससे मिलवा भी दे अब ज़रा !!

Gulzar Shayri

gulzar shayri

कैसा अजीब खेल है मोहब्बत का जनाब,
एक थक जाए तो दोनों हार जाते हैं !!

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वक्त रहता नहीं कही भी टिक कर,
आदत इसकी भी इंसान जैसी हैं !!
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इंतजार की घड़ियाँ ख़त्म कर ऐ खुदा,
जिसके लिये बनाया है उससे मिलवा भी दे अब ज़रा !!

Shayari Gulzari

shayari gulzar

एक सुकून सा मिलता है तुझे सोचने से भी,
फिर कैसे कह दूं तेरा इश्क बेवजह सा है !!

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अब गिला शिकवा अपनो से हो तो ख़ामोशी ही भली
अब हर बात पर ज़ंग हो जरूरी तो नहीं !!
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हुनर मोहब्बत का हर किसी को कहाँ आता है
लोग हुस्न पर फीदा होकर उसे मोहब्बत कहते है !!

Shayari Gulzar

shayari gulzar

मिलावट है तेरे इश्क में इत्र व शराब की
कभी हम महक जाते हैं, कभी बहक जाते हैं !!

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एक घुटन सी होती है इस दिल के अंदर
जब कोई दिल मैं तो रहता है मगर साथ नही !!
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अकेली रातें बोलती बोहोट है,
मगर सुन वही सकता है,
जो खुद भी अकेला होता है !!

Shayari Gulzar

shayari gulzar

पता नहीं कितना प्यार हो गया है तुमसे,
नाराज होने पर भी तुम्हारी याद आती हैं !!

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मेरे पास मौसम की कोई जानकारी नही,
मगर इतना जानता हूँ यादें तूफान लाती है !!
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एक बार तो यूँ होगा कि थोड़ा सा सुकून होगा,
ना दिल में कसक होगी और ना सर पे जूनून होगा !!

Shayari Gulzar

shayari gulzar

अकेला रहने का भी अपना ही सुकून है,
ना किसी के आने की खुशी ना किसी के जाने का गम !!

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वफा करना तो कोई हमसे सीखे
जिससे टूटकर चाहा उससे खबर तक नही !!
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वाफा करना तो कोई हमसे सीखे
जिससे टूटकर चाहा उससे खबर तक नही !!

Gulzar Shayari on life

gulzar shayari on life

काश फुर्सत में उन्हें भी यह ख्याल आ जाये,
कि कोई याद करता है उन्हें जिंदगी समझ कर !!

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रिश्तों की अहमियत समझा करो जनाब
इन्हे जताया नहीं निभाया जाता है !!
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शायर बनना बहुत आसान हैं
बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए !!

Gulzar Shayari on life

gulzar shayari on life

गुलाब तो नहीं दिया हमने लेकिन,
मोहब्बत गुलाब देने वालों से ज्यादा की थी !!

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वो जब फुर्सत मे होती हैं तो इल्जाम ले कर आती है
मुझे हसता देख कर मोहब्बत का जाम ले कर आती हैं !!
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मैं हर रात ख्वाईशो को खुद से पहले सुला देता हु
हैरत यह है की हर सुबह ये मुझसे पहले जग जाती है !!

Gulzar Shayari life

gulzar shayari on life

दूरियाँ जब बढ़ने लगी तो गलतफहमी भी बढ़ने लगी,
फिर उसने वही सुना है जो मैंने नहीं कहा !!

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सहमा सहमा डरा सा रहता है
जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है !!
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वक़्त की ज़र्ब से कट जाते हैं सब के सीने
चाँद का छलका उतर जाए तो क़ाशें निकलें !!

Gulzar Shayari life

gulzar shayari on life

पल भर की बातें फिर महिनो की दूरियां,
आदत तुम्हारी भी तनख्वाह सी हो गई !!

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बदल जाओ वक़्त के साथ या वक़्त बदलना सीखो,
मजबूरियों को मत कोसो, हर हाल में चलना सीखो !!
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चूल्हे नहीं जलाए कि बस्ती ही जल गई
कुछ रोज़ हो गए हैं अब उठता नहीं धुआँ !!

Gulzar Shayari on love

gulzar shayari on love

आज फ़िर देखा किसी ने हमें मोहब्बत भरी निगाहों से,
आज फिर हमने तुम्हारे खातिर अपनी निगाहे झुका ली !!

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सेहमा सेहमा डरा सा रहता है
जानें क्यों जी भरा सा रहता है !!
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एक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरवाई भी¸
ऐसा तो कम ही होता है वह भी हो तन्हाई भी !!

Gulzar Shayari on love

gulzar shayari on love

धागे बड़े कमजोर चून लेते हैं हम और
फिर सारी उम्र गाँठ बाँधने मे निकल जाते हैं !!

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जानें कब गुम हुआ, कहाँ खोया
एक आँसूं छुपा के रखा था !!
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ख्वाइशें तो आज भी बगावत करना चाहती हैं
मगर सीख लिए है मैनें
हर बात को सीने में दफ़न करना !!

Gulzar Shayari on love

gulzar shayari on love

पुरानी होकर भी खास होती है
मोहब्बत बेशर्म है जनाब बेहिसाब होती है !!

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कुछ शिकायत बनी रहे¸ तो बेहतर है,
चाशनी में डूबे रिश्ते वफादार नही होते..!!
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हमने अक्सर तुम्हारी राहों में रुक कर,
अक्सर अपना ही इंतज़ार किया !!

Gulzar Shayari love

gulzar shayari on love

चूम लेता हूं हर मुश्किल को मैं अपना मान कर
जिंदगी कैसी भी है आखिर है तो मेरी !!

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वो उम्र कम कर रहा था मेरी
मैं साल अपने बढ़ा रहा था
कल का हर वाक़िआ तुम्हारा था
आज की दास्ताँ हमारी है !!
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देख दर्द किसी और का आह दिल से निकल जाती है,
बस इतनी सी बात तो आदमी को इंसान बनाती है !!

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कोई पूछ रहा है मुझसे अब मेरी ज़िन्दगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है हल्का सा मुस्कुराना तुम्हारा !!
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काँच के पीछे चाँद भी था और काँच के ऊपर काई भी
तीनों थे हम, वो भी थे और मैं भी था तन्हाई भी !!

Shayari by gulzar

shayari by gulzar

कीचड़ उसके पास था और मेरे पास था गुलाब,
जो भी जिसके पास था उसने दिया उछाल !!

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कहने को तो बहुत कुछ बाकी है,
लेकिन तेरे लिए तो मेरी खामोशी ही काफी है..!!
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हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में
रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया !!

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हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया !!
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जिस की आंखों में कटी थीं सदियां
उस ने सदियों की जुदाई दी है !!

Shayari by gulzar

shayari by gulzar

तेरे बगैर किसी और को देखा नहीं मैंने,
सुख गया वह तेरा गुलाम मगर फेंका नहीं मैंने !!

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मैं दिया हूँ, मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं
हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं
बहुत अंदर तक जला देती हैं !!
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ये दिल भी दोस्त ज़मीं की तरह
हो जाता है डाँवा-डोल कभी
फिर वहीं लौट के जाना होगा !!

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तेरे शहर तक पहुँच तो जाता,
रास्ते में दरिया पड़ते हैं,
पुल सब तूने जला दिए थे !!
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चख कर देखी है कभी तन्हाई तुमने,
मैंने देखी है, बड़ी ईमानदार लगती है !!

Gulzar ki Shayari

shayari by gulzar

बातें तो सिर्फ जज़्बातों की है,
वरना मोहब्बत तो सात फेरो के बाद भी नहीं होती !!

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ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं
ना पास रहने से जुड़ जाते हैं
यह तो एहसास के पक्के धागे हैं
जो याद करने से और मजबूत हो जाते हैं !!
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तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है,
वरना सीने में साँस भी पराई लगती है..!!

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कैसे करें हम ख़ुद को तेरे प्यार के काबिल,
जब हम बदलते हैं, तो तुम शर्ते बदल देते हो !!
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सबके सामने हाथ पकड़, लेता हे तुम्हारा,
ये चूड़ीवाला भी एक दिन, मार खायेगा मुझसे !!

Shayari by gulzar

shayari by gulzar

बिछड़ते वक़्त मेरे सारे एब गिनाये उसने,
सोचता हूं जब मिला था तब कौन सा हुनर था मुझमें !!

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रात गुज़रते शायद थोड़ा वक़्त लगे
धूप उन्डेलो थोड़ी सी पैमाने में !!
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एक सपने के टूट कर चकनाचूर हो जाने के बाद,
दुसरे सपन देखने के हौंसले को ज़िन्दगी कहते हैं !!

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छोटा सा साया था, आँखों में आया था
हमने दो बूंदों से मन भर लिया !!
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मेरा हक़ नहीं है तुम पर ये जानता हु में फिर भी न जाने क्यों,
दुआओ में तुझको मांगना अच्छा लगता है !!

हमे उम्मीद है की हमारी यह Gulzar Shayari in Hindi की Post आपको पसंद आई होगी, यदि यह Post आपको पसंद आई हो तो इसे अपने Friend, Family के साथ इसे सोशल मीडिया पर share जरुर करे !

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